हम जानेंगें कि न्यायालय में हाजरी माफी कैसे लिखते हैं ।
हम जानेंगे कि जब न्यायालय में कोई अभियुक्त या परिवादी न्यायालय मे नही आता तब हम न्यायालय को एक प्रार्थना पत्र लिखते है जिसे हम हाजरी माफी कहते है ।
न्यायालय का विवरण हम कुछ इस तरह लिखेंगे
- सबसे पहले हम न्यायालय का नाम लिखेंगे ।
- न्यायालय का नाम लिखने के बाद हम न्यायालय के नाम के नीचे वाद संख्या या मुकदमा अपराध संख्या लिखेंगे ।
- मुकदमा अपराध संख्या लिखने के वाद हम उसके नीचे पक्षकारों के नाम लिखेंगे ।
- पक्षकारों के नाम के बाद हम नीचे मुकदमें की धारा लिखेंगे ।
- धारा लिखने के बाद हम धारा के नीचे थाना लिखेंगे ( वह थाना जो जिस थाने मे मुकदमा पंजीकृत है या जिस थाने की सीमा में वह अपराध हुआ था ।)
अब हम न्यायालय से प्रार्थना करेंगे कि जो प्रार्थी है / अभियुक्त है वह न्यायालय के समक्ष उपस्थित क्यों नही हुआ ।
जब कोई अभियुक्त न्यायालय में उपस्थित नही होता है तब हमें न्यायालय को वह कारण बताना होता है कि वह न्यायालय में उपस्थित क्यों नही हुआ ।
कारण जैसे ः- प्रार्थी की तबीयात खराब है । या प्रार्थी जरूरी काम से बाहर गया हुआ है । या कोई अन्य कारण ।
नही आने का कारण लिखने के बाद अब न्यायालय से प्रार्थना करनी होगी
जैसे ः- अतः श्रीमान जी से प्रार्थना है कि प्रार्थी कि आज कि तिथि माफ फरमाते हुए कोई अन्य तिथि जारी करने की कृपा करें ।
प्रार्थना लिखने के बाद प्नार्थना पत्र पर नीचे की ओर बायीं ओर दिनांक तथा दायीं ओर प्रार्थी का नाम लिखना होता है ।
प्रारूप ः-
न्यायालय श्रीमान ( न्यायालय का नाम ) न्यायालय का स्थान
वाद सं0/ मु0अ0सं0-
राज्य वनाम क
धारा -
थाना -
हाजरी माफी हेतु प्रार्थना पत्र
श्रीमान जी,
निवेदन है कि वाद उपरोक्त में प्रार्थी की आज की तिथि न्यायालय में नियत है । प्रार्थी जरूरी काम से बाहर गया हुआ है या प्रार्थी की तबियत खराब है । जिस कारण प्रार्थी आज न्यायालय में आने मे असमर्थ है ।
अतः श्रीमान जी से प्रार्थना है कि प्रार्थी की आज की तिथि माफ फरमाते हुए कोई अन्य तिथि जारी करने की कृपा करें ।
दिनांक ः- प्रार्थी

2 Comments
Thank you sir
ReplyDeleteThank u sir
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